अमीरों ने बनाई ऐसी दवाई,
जो चुरा लेती है मेरे मेहनत की सारी कमाई.
चाय सा इश्क़ किया है तुमसेसुबह शाम न मिले तो सिरदर्द सा करता है
चाय सा इश्क़ किया है तुमसे
सुबह शाम न मिले तो सिरदर्द सा करता है
उन्हें इश्क़ हुआ था
मझे आज भी है....!
कितना भी कह लूँ,कुछ बाकी रह जाता है lकितना भी पी लूँ,बिन साक़ी अधूरा रह जाता है l
वो किसी अखबार में किस्सा हो जाये,कभी मेरे मोह्हबत का भी हिस्सा हो जाये l
Pyar Bhari shayari