क्या करोगे तुम मुझसे ऐसी मुलाकातजहा बिछड़ने का रिवाज न हो.
क्या करोगे तुम मुझसे ऐसी मुलाकात
जहा बिछड़ने का रिवाज न हो.
चलो आज खामोश प्यार को इक नाम दे दें,अपनी मुहब्बत को इक प्यारा अंज़ाम दे देंइससे पहले कहीं रूठ न जाएँ मौसम अपनेधड़कते हुए अरमानों एक सुरमई शाम दे दें !
फूल खिलें गुलशन में खूबसूरती नज़र आएगी,
बीते साल की चटपटी यादें साथ रह जाएगी,
आओ मिलकर जश्न मनाएं नए साल का
नए साल की पहली सुबह, ख़ुशियाँ अनगिनत लाएगी
नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं 2021
“दर्द को दर्द से न देखो,
दर्द को भी दर्द होता है,
दर्द को ज़रूरत है दोस्त की,
आखिर दोस्त ही दर्द में हमदर्द होता है”
मजबूती से बाहों में,
इस कदर थाम लूं तुझे…
की मेरे इश्क़ की कैद सेतू चाहकर भी ना छुड़ सकें…❤️