राहत और चाहत में बस फ़र्क है इतना..
राहत बस तुमसे है और चाहत बस तुम्हारी..
मेरा आज मेरा कल हो आप,
मेरे हाथों की मेहँदी हाथों की लकीर हो आप,
हर पल बस आपका ही रहता है ख्याल हमको,
कुछ इतना दिल के करीब हो आप…
याद आयेगी हर रोज, मगर तुझे आवाज़ न दूंगा,
लिखूंगा तेरे लिये हर गजल, मगर तेरा नाम न लूंगा।