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Sawan first somvar is starting from 26th of July, know the details
26 जुलाई से शुरू हो रहा हैं सावन का पहला सोमवार, जानिए पूरी जानकारी

हिन्दू का खास त्यौहार जो की उनके सबसे प्रिय और बहुत के आराध्य देव भगवान शिव को बहुत पसंद हैं. वो इस साल 25 जुलाई यानी रविवार के दिन से शुरू होने वाला हैं. साथ ही इस साल सावन का पहला सोमवार 26 जुलाई को पड़ रहा हैं. 

Use these 10 things while performing rudrabhishek, might be blessed of lord shiva
इस सावन भगवान शिव की पूजा के दौरान अर्पित कीजिए ये 10 चीजें, मिलेगा इसका पूरा लाभ

हिन्दू का खास त्यौहार जो की उनके सबसे प्रिय और बहुत के आराध्य देव भगवान शिव को बहुत पसंद हैं. वो इस साल 25 जुलाई यानी रविवार के दिन से शुरू होने वाला हैं. साथ ही इस साल सावन का पहला सोमवार 26 जुलाई को पड़ रहा हैं. 

Why did Lord Parshuram kill Kshatriyas 21 times?
क्यों किया था भगवान परशुराम ने 21 बार इस पृथ्वी से क्षत्रियों का विनाश?

भगवान श्रीहरि विष्णु के छठें अवतार भगवान परशुराम अंत्यत क्रोधी माने जाते है. उनके क्रोध की तुलना भगवान शिव के अंशावतार ऋषि दुर्वासा से की जाती है. कहा जाता है इन्होंने क्रोध में आकर अंगराज कर्ण को श्राप दे दिया था और भगवान शिव के छोटे पुत्र गणेश का एक दांत तोड़ दिया था. यहीं नहीं इन्होंने अपनी माता का गला भी काट दिया था. पुराणों और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इन्होंने इस पृथ्वी से 21 बार क्षत्रियों का सर्वनाश किया था. 

Why did Lord Shiva fight with Lord Shree Krishna?
क्यों हुआ भगवान शिव और श्रीकृष्ण के बीच महाप्रलयकारी युद्ध?

आदि काल से ही देवताओं और दानवों के बीच अनेकों युद्ध लड़े गए. जिन्हें हर बार देवताओं की विजय हुई. लेकिन क्या आपको पता है एक बार भगवान शिव शंकर और श्रीहरि विष्णु के अंशावतार भगवान श्रीकृष्ण के बीच विनाशकारी युद्ध हुआ था? जिसमें एक तरफ भगवान शिव और उनके पुत्र थे तो दूसरी तरफ से भगवान श्रीकृष्ण, उनके पुत्र प्रद्युम्न और उनके बड़े भाई बलराम थे. तो आइये जानते है इस प्रलयकारी युद्ध के पीछे की कहानी. 


Why do we worship snakes? Story behind nag panchami
क्यों होती हैं नागों की पूजा, जानिए नाग पंचमी की पूरी कहानी

हिन्दू धर्म कण-कण में भगवान माने जाते हैं. इसके कई सारे धर्मग्रंथों में पशु-पक्षियों के भी पूजा-उपासना का ज़िक्र मिलता हैं. ऐसे ही एक प्रसंग आता हैं नागों की पूजा का, जिसे हिन्दू धर्म में नाग पंचमी के नाम से मनाया जाता हैं. पुराणों के अनुसार नागों को शुभ माना जाता हैं.

How did King Pandu die? Story of Pandavas birth
कैसे हुई पाण्डु की मृत्यु? पांडवों के जन्म की कहानी

भीष्म ने किया. बाद में चित्रांगद की एक युद्ध में मृत्यु हो गई और विचित्रवीर्य का विवाह काशीनरेश की कन्याओं अम्बिका और अम्बालिका से करा दिया गया. जबकि काशीनरेश की बड़ी बेटी अम्बा पहले से राजा शाल्व से प्रेम करती थी अतः उन्हें शाल्व के पास भेज दिया गया लेकिन शाल्व ने उनको स्वीकार नहीं किया और वो वापस आकर भीष्म से विवाह करने की जिद करने लगी तब भीष्म ने अपने आजीवन ब्रह्मचर्य की प्रतिज्ञा के वजह से विवाह नहीं किया और अम्बा ने भगवान परशुराम को बुलाया तब भीष्म और परशुराम में भयंकर युद्ध हुआ. 

To know about kalash sthapana shubh muhurat of this navratri and whole timetables
चैत्र नवरात्रि स्पेशल: जानिए माता के नौ दिन व्रत की पूरी जानकारी तथा कलश स्थापना का शुभमुहूर्त

हिन्दू धर्म का सबसे पवित्र और प्रसिद्धि त्यौहार है दुर्गा नवरात्रि. जिसे पूरे देश में बहुत ही विधि-विधान से मनाया जाता है. हिन्दू धर्म के अनुसार नवरात्रि साल में दो बार मनाया जाता हैं. एक चैत्र नवरात्रि और दूसरा कार्तिक मास की दुर्गा नवरात्रि, जोकि अक्टूबर में आता हैं. ये नव दिन बहुत ही शुभ माने जाते है. हिन्दू धर्म के अनुसार इन नव दिनों में माता दुर्गा का विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. सभी भक्तगण माता के लिए नव दिनों का व्रत इत्यादि धारण करते हैं. 

Know why do we celebrate onam?
जानिए ओणम मनाये जाने की पूरी कहानी, साथ ही इस साल कब मनाया जायेगा ओणम

भारत में हर दिन उत्सव की तरह मनाया जाता हैं. यहाँ पर आये दिन कोई ना कोई त्यौहार होता रहता हैं. ऐसे ही एक त्यौहार होता हैं ओणम जिसे दक्षिण भारत में बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता हैं. ओणम हर्षोल्लास, ख़ुशी और उत्साह का त्यौहार हैं.

Know the date of raksha bandhan in 2021 and how to celebrate
जानिए कब मनाया जायेगा इस साल रक्षाबंधन, क्या हैं शुभ मुहूर्त और इसकी महत्व

भारत देश में रिश्तों की बहुत ही मान्यता हैं. इन्हीं रिश्तों में सबसे अहम रिश्ता भाई और बहन का होता हैं. जिनके रिश्ते की मजबूती और इसके महत्व के उपलक्ष्य में हिन्दू धर्म में हर साल पंचांग के अनुसार सावन महीनें की पूर्णिमा के दिन इसको मनाया जाता हैं. 

Must know these 7 things of life from garuda purana
जानिए गरुड़ पुराण की 7 महत्वपूर्ण बातें, रहेंगे स्वस्थ और मुश्किल होगी आसान

हिन्दू धर्म में कई सारे उपनिषद, वेद और पुराण है. जिनमें धर्म-कर्म से लेकर जीवन के नैतिक मूल्यों का भी वर्णन मिलता है. हिन्दू धर्म में 18 पुराण हैं जो इस धर्म की संस्कृति और आस्था का प्रतीक समझे जाते हैं. इसमें में से एक है गरूड़ महापुराण जिसमें जीवन मूल्यों और नीतियों को लेकर कई सारी जरूरी बातों का उल्लेख मिलता है. जीवन में आने वाली मुश्किलों के समाधान के लिए कई सारे ज्ञानवर्धक और महत्वपूर्ण बातों का समाकलन है इसमें. ऐसी ही 7 बातों के बारे में आज हम आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं. जिनका अनुसरण करते हुए आप जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं....

Why devotee wait for the sawan month? know its importance
जानिए सावन के सोमवार की महिमा, आखिर क्यों करते हैं भक्तगण इसका साल भर से इंतजार

भगवान शिव को हिन्दू धर्म में देवों का देव महादेव के नाम से जाना जाता हैं. भगवान शिव की महिमा और महत्व को हम शब्दों के जरिए बयां नहीं कर सकते हैं. भगवान शिव को भोले भंडारी भी कहा जाता हैं क्योंकि ये अपने भक्तों की भक्ति से बहुत ही जल्दी से प्रसन्न हो जाते हैं. 

Why did Lord Parshuram kill his Mother?
भगवान परशुराम ने आखिर क्यों काटा था अपनी ही माता का गला?

भगवान विष्णु के छठे अवतार  भगवान परशुराम महर्षि जमदग्नि और देवी रेणुका के सबसे छोटे पुत्र थे. इन्होंने 21 बार इस पृथ्वी से क्षत्रियों का विनाश किया था. ये बहुत ही क्रोधी स्वभाव के थे और अपने माता-पिता के सबसे बड़े आज्ञाकारी पुत्र थे. 

कहा जाता है एक बार इन्होंने अपने पिता के कहने पर अपनी माता का गला काट दी थी, लेकिन उसके बाद उन्हें अपने पिता के वरदान से जीवित भी कर दिया था. तो आइये जानते है इस कहानी के बारे में.. 

Lord Vishnu 10 Avatar
भगवान विष्णु के दशावतार कौन कौन है?

श्रीमद्भगवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं कहा है कि;

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत

अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥4-7॥

परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् ।

धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥4-8॥

what had happened whenever Lord Shiva opened his third eye?
भगवान शिव ने कब-कब खोली थी अपनी तीसरी आँख और इसका क्या परिणाम हुए?

भगवान शिव आदि योगी, महादेव के नाम से जाने जाते हैं. जो कैलाश में एक आदिकाल से वैराग धारण करके अपनी तपस्या में लीन रहते है. उनके मस्तक पर एक तीसरा नेत्र भी है जिसके कारण कहा जाता है कि वो त्रिकालदर्शी है. वो तीनों लोकों और तीनों कालों का एक साथ देख सकते हैं. भगवान शिव को त्रिलोचन और त्रियम्बकेशर  भी जाना जाता है. भगवान शिव शंकर महादेव का तीसरा नेत्र ज्ञान, और विनाश दोनों का प्रतीक हैं. कहा जाता है कि भगवान शंकर के तीसरा नेत्र अगर खुल जाए तो समस्त सृष्टि का विनाश हो जायेगा. महाप्रलय आ जायेगा. 

14 Ratna of Samudra Manthan
समुन्द्र मंथन से निकलने वाले 14 रत्न कौन-कौन से थे?

हिन्दू धर्मग्रंथों और पुराणों में समुन्द्र मंथन का जिक्र मिलता है कि कैसे भगवान विष्णु के कहने पर देवताओं और राक्षसों ने एक साथ मिलकर समुन्द्र मंथन किया जिसमें से कई सारे बहुमूल्य रत्न और वस्तुएं निकली. लेकिन बहुत काम लोग है जो उन रत्नों और वस्तुओं के बारे में जानते है. समुन्द्र मंथन से 14 अलग-अलग वस्तुएं निकली थी. जिनमें से अधिकतर लोग सिर्फ हलाहल विष और अमृत के बारे में ही जानते है. तो आइये जानते है इन दोनों के अलावा और कौन-कौन सी वस्तुएं समुन्द्र मंथन के उपरांत निकले थे और उसे किन-किन लोगों ने लिया था?