हँसना हसाना काम हे मेरा इसलिए
तो 'kajal' नाम हे मेरा..
हे मेरे भोले नाथ अगर मैं खामोश हूँ तो क्या…
आप ही कभी आवाज दे दीजिए…
मुझे भी तो अहसास हो जाए कि आप भी बेचैन हैं मेरे लिए…
हर हर महादेव
दस्तक और आवाज तो कानों के लिए है…
जो रुह को सुनाई दे उसे खामोशी कहते हैं!
ज़ुल्फ़ तेरी एक घनेरी शाम
की बदल है,
जो हर शाम रंगीन कर दे, ऐसी
वो तेरी आँचल है !!
कभी कभी वक़्त के साथ सब ठीक
नहीं सब ख़तम हो जाता है...
हर पुरानी बात कोछोड़ने की कोशिश,नये दिन के शुरुआत में करता हूँ,हर शाम लौट के वापस,कल के शाम के पास आ जाता हूँ l