पलट कर देख लेना, जब सदा दिल की सुनाई दे,
मेरी आवाज में शायद, तेरा चेहरा दिखाई दे…!
ये जो खामोश से अलफ़ाज़ लिखे है न,पड़ना कभी ध्यान से चीखते कमाल है।
ये जो खामोश से अलफ़ाज़ लिखे है न,
पड़ना कभी ध्यान से चीखते कमाल है।
बीत रहा सावन बिन तेरे संग,बरस रहा बादल आसुंओ के रंग lआओ के जागे की मन में नये उमंग,हाय! ये सावन, हाय!दिल की जंग l
जब चलना अपने पैरो पर है ,
तो औरों पे भरोसा क्यों ?
हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं
दिल हमेशा उदास रहता है