अमीरों ने बनाई ऐसी दवाई,
जो चुरा लेती है मेरे मेहनत की सारी कमाई.
पूरी रात जाग वो मेरा बाहर इंतजार कर रही थी ,पगली ! मैं तेरे भीतर बैठा तेरा राह ताक रहा था l
चाहने वाले तो मिलते ही रहेंगे,
तुझे सारी उम्र . . !
बस तू कभी जिसे भूल न पाए,
वो चाहत यकीनन हमारी होगी।
पहली मोहब्बत थी और हम दोनों ही बेबस,वो ज़ुल्फ़ें सँभालते रहे और मैं खुद को।
जी है बड़ी बादशाहत से जिंदगी,उम्मीद है आगे भी रहेगी कायम lकुछ पल का जलजला है,आगे तो फिर है सुकून बिन कोई गम l
आँधियों को पैरों तले दबा के चल,
मंजिलों की औक़ात नही तुझसे दूर रहने की,
विश्वास इस क़दर खुद में जगा के चल.