हँसना-हँसाना चलता रहेगा ,रूठना -मनाना चलता रहेगा lबस आप रहना साथ ,ये खूबसुरत अफसाना चलता रहेगा l
सर्दी के मौसम का मजा अलग सा है,
रात मे रजाई का मजा अलग सा है.
धुंध ने आकर छिपा लिया सितारों को,
आपकी जुदाई का ऐहसास अब अलग सा है
क़सूर उनका नहीं,जो मुझसे दूरियाँ बना लेते है….
रिवाज है ज़माने में,पढ़ी किताबें ना पढ़ने का.....
तू वाकिफ़ नहीं मेरी दीवानगी से…
जिद्द पर आऊँ तो..ख़ुदा भी ढूंढ लूँ …
अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो;मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो;मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना;मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो।