हमने सुना है रहती है अब बेकरार वो,
छुपके किसी का करती है इंतजार वो!
सब फूल लेकर गए मैं कांटे ही उठा लाया;
पड़े रहते तो किसी अपने के पाँव मे जख्म दे|
चाय सा इश्क़ किया है तुमसेसुबह शाम न मिले तो सिरदर्द सा करता है
चाय सा इश्क़ किया है तुमसे
सुबह शाम न मिले तो सिरदर्द सा करता है
रातों की प्यारी वाणी,
बातें करती है बहुत सारी,
क्यूँकि ये सपनो की Raat है,
सिर्फ तुम्हारी।
Good Night
अभी अभी इक आईना तोड़ आया हूँ,
की तेरी तस्वीर,
मेरी आँखों में नज़र आती है l
सभी के दीप सुन्दर है,हमारे क्या,तुम्हारे क्या lरौशनी है ये बड़ी बात है,इस किनारें क्या, उस किनारें क्या l