गम के अंधेरे में दिल को बेकरार कर,
सुबह जरूर होगी थोड़ा तो इंतजार कर॥
हूँ भीड़ में ,पर भीड़ का हिस्सा ना हो पाया lज़हन में थी तुम,कोई दूसरा किस्सा ना हो पाया l
अभी अभी इक आईना तोड़ आया हूँ,
की तेरी तस्वीर,
मेरी आँखों में नज़र आती है l
खिलखिलाती सुबह है, है ताजगी भरा सवेराफूलों और बहारों ने, है रंग अपना बिखेराबस इंतज़ार है आपकी एक मुस्कराहट काजिसके बिना… ये दिन है अधूरा!Good Morning