पास जब हम बहुत थे तो बहुत दूर थे,दूर थे जब हम तो बस मजबूर थे।जाने किसकी वजह से ये रिश्ता था टूटा,तुम भी बेकसूर थे और हम भी बेकसूर थे।।
पास जब हम बहुत थे तो बहुत दूर थे,
दूर थे जब हम तो बस मजबूर थे।
जाने किसकी वजह से ये रिश्ता था टूटा,
तुम भी बेकसूर थे और हम भी बेकसूर थे।।
Aye khuda
kuch nahi maanga tujhse
Aaj ek dua poori karde
Maut maang raha hu dede..!
तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे,
मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।
“आँखों से दूर दिल के करीब था,
में उस का वो मेरा नसीब था.
न कभी मिला न जुदा हुआ,
रिश्ता हम दोनों का कितना अजीब था.”
फिर से मिले वो आज अजनबी से बनकर,और हमें आज फिर से मोहब्बत हो गई।