तू कातिल तेरा दिल कातिल, तेरे चेहरे का तिल कातिल,आइना मत देखना हम नशीं, कहीं टकरा न जाए कातिल से कातिल।
तू कातिल तेरा दिल कातिल, तेरे चेहरे का तिल कातिल,
आइना मत देखना हम नशीं, कहीं टकरा न जाए कातिल से कातिल।
मेरे यादों का रुख़ आज भी,तेरी गली में होता रहता है lवो कल भी बेखबर था,वो आज भी बेखबर है,वो बस चैन से सोता रहता है
एक तरफ तेरी बढ़ेगी नराजगी,और एक तरफ बेचैनी मेरी lएक बार लगेगा की फासला बढ़ रहा,और फिर लगेगा कितने करीब है रहा l
"शिकायत करूं, तो नाराज़ हो जाती है,उम्मदगी में अपनी, मैं हार जाता हूँ,मोह्हबत है, और फ़िक्र भी ना आए,ऐसी जिल्लत वाली इश्क़ में मर जाता हूँ l"
दारू या दवा ना जाने कौन बचाएगा,
कुछ दिनों की बंदी है, वक़्त कट जायेगा l"
किसानों का हाल हमेशा बदहाल होता है,
सरकार कोई भी हो सिर्फ बवाल होता है.