पहले पहल सब ठीक लगता है,फिर सब धुंधला दिखता है..इश्क़ मे अक्सर मिलने मे भी,कई बार धोखा लगता है l
मुट्ठी भर ख़्वाब मेरा,खुला पूरा आसमान तेरा lमैं चाँद तेरा हो सकता नहीं,तू बादल बन बरस सकता नहीं l
तबाही की तस्वीर साफ़ दिखने लगी
पानी तो पानी हवा भी बिकने लगी
Na Samet Sakoge Qayamat Tak Jise Tum,
Kasam Tumhari Tumhein Itni Mohabbat Karte Hain.
मेरी बहादुरी के किस्से कितने मशहूर थे इस शहर में,
पर तुझे खो जाने के डर ने मुझे कायर बना दिया...
Mujhe mere Kal ki Fikar Aaj bhi nahi hai..
Par Khuwahish tO tujhe Paane ki Qayamat tak rahegi..