“मेरे इश्क में दर्द नहीं था पर दिल मेरा बे दर्द नहीं था,
होती थी मेरी आँखों से नीर की बरसात,
पर उनके लिए आंसू और पानी में फर्क नहीं था ”!
मनुष्य को चाहिए कि दुराचारी, कुदृष्टि वाले, बुरे स्थान में रहने वाले और दुर्जन मनुष्य के साथ मित्रता न करें,
क्योंकि इनके साथ मित्रता करने वाला मनुष्य शीघ्र ही नष्ट हो जाता है....!!!
किसी ने ग़ालिब से पूछा:
"मोहब्बत शादी से पहले
करनी चाहिए या शादी
के बाद?!?"
ग़ालिब ने कहा:............
"कभी भी करो पर बीवी को
पता नहीं चलना चाहिए!"
तेरी आवाज़ सुनने को तरसे है मन मेरा,
तेरी एक झलक पाने को बेकरार है मन मेरा,
अपनी ज़िंदगी का हर लम्हा तेरे साथ गुजारु,
हर पल बस यही चाहता है मन मेरा!!
Izhar-e-Tamanna Hi Tauheen-e-Tamanna Hai,
Tum Khud Hi Samajh Jaao Main Naam Nahi Lunga.