Mujhe mere Kal ki Fikar Aaj bhi nahi hai..
Par Khuwahish tO tujhe Paane ki Qayamat tak rahegi..
शाम भी खास है, वक़्त भी खास है,
तुझको भी एहसास है, तो मुझको भी एहसास है,
इससे जयादा मुझे और क्या चाहिए,
जब मैं तेरे पास, और तु मेरे पास है
Ab Kon Se Mausam Se Koi Aas LagayeBarsaat Mein Bhi Yaad Na Jab Un Ko Hum Aye..
हसरत ए दीदार के लिये
उसकी गली मे मोबाईल की दुकान खोली ……
मत पूछो अब हालात ए बेबसी ऐ गालिब,
रोज़ एक नया शख्स उनके नम्बर पे रीचार्ज़ करवानें आता है …..
हाथ में घडी कोई भी हो, लेकिन वक़्त अपना होना चाहिए