कुछ अल्फाज के सिलसिले से बनती है शायरीऔर कुछ चेहरे अपने आप में पूरी गजल होते हैं
कुछ अल्फाज के सिलसिले से बनती है शायरी
और कुछ चेहरे अपने आप में पूरी गजल होते हैं
सुबह कुछ यूँ आता है तुम्हारा ख्याल,जैसे बाग में खिला हो खूबसूरत गुलाब lजिसकी खुशबू से महकता जीवन मेरा,अब रहो साथ ना करो कोई सवाल l
Good Morning
"कभी मेरे जाने पे लड़ती है वोकभी खुद तन्हा छोड़ जाती है,
Pure din ki masti,
Raat ko yaadon mein taaza ho jati hain,
Good Night Shayari
Good morning friends
अब तू नहीं है दुनिया में,
हु अकेला वही खड़ा,
तू मुमताज़ तो बन गयी
मै रह गया निचे पड़ा!
गुलाब को भी कमल बना देते,
उसकी एक अदा पे कई ग़ज़ल बना देते…
कम्भख्त मरती नहीं मुझ पर लडकियां,
वरना लखनऊ में भी ताजमहल बना देते…