कुछ अल्फाज के सिलसिले से बनती है शायरीऔर कुछ चेहरे अपने आप में पूरी गजल होते हैं
कुछ अल्फाज के सिलसिले से बनती है शायरी
और कुछ चेहरे अपने आप में पूरी गजल होते हैं
एक रोस उनके लिएजो मिलते नही रोज़-रोज़,मगर याद आते है हर रोज़ |
Aa Bichadne Ka Koi Aur Tareeqa DhoodhenPyyar Badhta Hai Meri Jaaan Khafa Rahne Se
तुम्हारी प्यारी सी नज़र अगर इधर नहीं होती,नशे में चूर फ़िज़ा इस कदर नहीं होती,तुम्हारे आने तलक हम को होश रहता है,फिर उसके बाद हमें कुछ ख़बर नहीं होती.
इस नये साल मे खुशियों की बरसाते हो,प्यार के दिन और मोहब्बत भरी राते हो,रंजिशे नफ़रते मिट जाए सदा के लिए,सभी के दिलो में ऐसी चाहतें हो!!