जिसके होने से मै खुद को मुकम्मल मानता हूं,मै ख़ुदा से पहले मेरी मां को जानता हूं।❤️❤️
जिसके होने से मै खुद को मुकम्मल मानता हूं,
मै ख़ुदा से पहले मेरी मां को जानता हूं।❤️❤️
कई बार खामोशी से बेहतर,कोई बात नही होती lनींद आ जाये आँखों में,ऐसी उनकी रात नही होती l
गुड नाईट
कभी तो आसमाँ से चाँद उतरे जाम हो जाए
तुम्हारे नाम की इक ख़ूब-सूरत शाम हो जाए
अजीब रात थी कल तुम भी आ के लौट गए
जब आ गए थे तो पल भर ठहर गए होते
किसी भी मुशकिल का अब किसी को हल नही मिलता ,
शायद अब घर से कोई माँ के पैर छूकर नही निकलता
“शाम खाली है जाम खाली है,ज़िन्दगी यूँ गुज़रने वाली है,
सब लूट लिया तुमने जानेजाँ मेरा,मैने तन्हाई मगर बचा ली है”