तुमसे मिलके होते होंगे,कितने पूरे,मैं तुमसे मिलकर दुगना हो गया lएक जहान का होता था पहले,अब दो जहान का हो गया l
ना कोई महल, ना सपना,ना कोई फूल छोड़ जाता हूँ,तुम्हारे नाम लिखें है कई ख़त, रोज एक छोड़ आता हूँ l
"कुछ हसरते अधूरी ही रह जाये तो अच्छा है,कुछ बात अनकही रह जाये तो अच्छा है,उधार में रह गये जैसे पैसे याद रह जाते है,कुछ अधूरा रह गया प्यार भी अच्छा है l"
तुम जुआरी बड़े ही माहिर हो,
एक दिल का पत्ता फेक कर जिदंगी खरीद लेते हो..
अजीब रात थी कल तुम भी आ के लौट गए
जब आ गए थे तो पल भर ठहर गए होते
हर पल तू महफूज रहे
कभी मुश्किलों से ना हो तेरा सामना
ज़िन्दगी तेरी खुशहाल रहे
बस खुदा से है ये इल्तिजा
I love you. Good Morning