तुम आईना क्यूं देखती हो?बेरोज़गास करोगी क्या मेरी अॉखों को..
तुम आईना क्यूं देखती हो?
बेरोज़गास करोगी क्या मेरी अॉखों को..
हर किसी के पास,अपने अपने मायने हैं।खुद को छोड़ सिर्फ दूसरों के लिये ही आईने हैं.
हर किसी के पास,अपने अपने मायने हैं।
खुद को छोड़ सिर्फ दूसरों के लिये ही आईने हैं.
कई बार खामोशी से बेहतर,कोई बात नही होती lनींद आ जाये आँखों में,ऐसी उनकी रात नही होती l
गुड नाईट
तुमसे मिलके होते होंगे,कितने पूरे,मैं तुमसे मिलकर दुगना हो गया lएक जहान का होता था पहले,अब दो जहान का हो गया l
ये उदास शाम और तेरी ज़ालिम याद,
खुदा खैर करे अभी तो रात बाकि है.
Main Jo Chahu To Tod Du Naata Tumse
Par Mein Buzdil Hu
Maut Se Darr Lagta Hai …