तुम आईना क्यूं देखती हो?बेरोज़गास करोगी क्या मेरी अॉखों को..
तुम आईना क्यूं देखती हो?
बेरोज़गास करोगी क्या मेरी अॉखों को..
Khushbu ki tarah aapke paas bikhar jaunga,Sukun bankar dil mein utar jaunga.Mehsus karneki koshish kijiye,Door hokar bhi paas nazar aounga…
रोज तारीख बदलती है,
रोज दिन बदलते हैं…
रोज अपनी उमर भी बदलती है…
रोज समय भी बदलता है…
हमारे नजरिये भी वक्त के साथ बदलते हैं…
बस एक ही चीज है जो नहीं बदलती…
और वो हैं हम खुद और बस ईसी वजह से
हमें लगता है कि अब जमाना बदल गया है!!
मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदलकर देख,
मुझसे भी बुरे हैं लोग तू घर से निकलकर देख…!
लाखों तूफान उठे है इस दिल में
तुजे देखने के बाद
काश
जुल्फों की काली घटाओं से ढक पाऊ
ये चाँद सा चेहरा तेरा