आज जो इस अकेलेपन का एहसास हुआ खुद को,तो समहाल नहीं पाया अपने इन आसुओं को।
आज जो इस अकेलेपन का एहसास हुआ खुद को,
तो समहाल नहीं पाया अपने इन आसुओं को।
हर रोज़ तुझसे मिलने के बाद भी,
हर रोज़ तुझसे मिलने का इंतज़ार करता हूँ।
ज़िन्दगी तो एक ख़्वाब है इसकी असल हकीकत तो मृत्यु है।
किसी के पैरों में गिरकर प्रतिष्ठा पाने के बदलेअपने पैरों पर चलकर कुछ बनने की ठान लो
किसी के पैरों में गिरकर प्रतिष्ठा पाने के बदले
अपने पैरों पर चलकर कुछ बनने की ठान लो
26 January Happy Republic Day