“मन में जो है साफ़ साफ़ कह देना चाहिए
क्योकि सच बोलने से फैसले होते है और झूट बोलने से फासले।” – Aaj Ka Suvichar
अहंकार” और “संस्कार” में फ़र्क़ है…
“अहंकार” दूसरों को झुकाकर कर खुश होता है,
“संस्कार” स्वयं झुककर खुश होता है..!
वजह की तलाश में। . वक़्त न गवाया करो
बेवजह बेपरवाह बेझिझक बस मुस्कराया करो।
गुड मॉर्निंग
भय से तब तक ही डरना चाहिये जब तक भय (पास) न आया हो। आये हुए भय को देखकर बिना शंका के उस पर् प्रहार् करना चाहिये।
वक़्त को भी हुआ है ज़रूर किसी से इश्क़,जो वो बेचैन है इतना कि ठहरता ही नहीं।