हमदर्दी ना करो मुझसे ए मेरे हमदर्द दोस्तों,वो भी बड़ी हमदर्द थी जो दर्द हजारो दे गई !!
हमदर्दी ना करो मुझसे ए मेरे हमदर्द दोस्तों,
वो भी बड़ी हमदर्द थी जो दर्द हजारो दे गई !!
ऐ जिंदगी तुझे भी हैप्पी टीचर्स डे |
तूने मुझे बहुत कुछ सिखाया है और आज भी सीखा रही है |
हमसे ना कट सकेगा अंधेरो का ये सफर
अब शाम हो रही हे मेरा हाथ थाम लो।
उनकी चाहत हमसे बयां ना हो पाई,
थक गए हम शायरी करते-करते...!!
असल में वही
जीवन की चाल समझता है …
जो सफ़र में
धूल को गुलाल समझता है ..!