Bade hi chupke se bheja tha,
Mere mehbub ne muje ek gulab,
Kambhakht uski khusbu ne ,
Sare shehar me hungama kar diya.
दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे,यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे,वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का,और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे..
इक अजीब सी बेताबी है
तेरे बिन रह भी लेते हैं
और
रहा भी नहीं जाता
सच कहा था किसी ने अकेले जीना सीख लो मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है|
ठीक है बदल जाओ तुम, लेकिन ये याद रखना की हम बदल गए तो तुम करवटे बदलते रह जाओगे.
बड़ी अजीब मुलाकाते होती थी हमारी;वो मतलब से मिलते थे. और हमें मिलने से मतलब था!