तू कातिल तेरा दिल कातिल, तेरे चेहरे का तिल कातिल,आइना मत देखना हम नशीं, कहीं टकरा न जाए कातिल से कातिल।
तू कातिल तेरा दिल कातिल, तेरे चेहरे का तिल कातिल,
आइना मत देखना हम नशीं, कहीं टकरा न जाए कातिल से कातिल।
आलम तो ये न था कि दूरियाँ इतनी बढ़ जाये,
पर बेक़रारी ने तो हद कर दी।
" हम ता-उम्र एक दूसरे जैसे नहीं है,ये कह के आपस में लड़ते रहे..कितना अच्छा होता,तुम मेरी कमी,मैं तुम्हारी कमी पूरा कर देता l "
हर एक रात को महताब देखने के लिए
मैं जागता हूँ तिरा ख़्वाब देखने के लिए
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है
जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
किसानों का हाल हमेशा बदहाल होता है,
सरकार कोई भी हो सिर्फ बवाल होता है.