कान्हा को राधा ने प्यार का पैगाम लिखा
पुरे खत में सिर्फ कान्हा कान्हा नाम लिखा
सरफिरे तो बादल होते है !
लोग तो पागल होते है
कुछ अल्फाज के सिलसिले से बनती है शायरीऔर कुछ चेहरे अपने आप में पूरी गजल होते हैं
कुछ अल्फाज के सिलसिले से बनती है शायरी
और कुछ चेहरे अपने आप में पूरी गजल होते हैं
जितना तुमने मुझे छोड़ा था..
मैंने उस से कहीं ज्यादा दुनियाँ को छोड़ दिया है..
खैर चले तो गए हो तुम अब बिछड़ भी जाओ मुझसे...
शायरियों का बादशाह हूँ,
और कलम मेरी रानी है,
अल्फाज मेरे गुलाम है,
बाकि रब की महरबानी है.
ये बदमाशी की बातें सोच समझ कर किया कर बेटे,
क्योंकि जिन किताबों से तूने सीखा है वो किताब मैंने ही लिखी है !