थकान भरी है जिंदगी
पर मुझे अब खुद से छुट्टी चाहिये
कान्हा को राधा ने प्यार का पैगाम लिखा
पुरे खत में सिर्फ कान्हा कान्हा नाम लिखा
किसी और के पास कम से कम आबाद तो होगाहमारे पास कुछ था भी तो नहीं सिवाय बेबसी के
किसी और के पास कम से कम आबाद तो होगा
हमारे पास कुछ था भी तो नहीं सिवाय बेबसी के
सरफिरे तो बादल होते है !
लोग तो पागल होते है
"कभी मेरे जाने पे लड़ती है वोकभी खुद तन्हा छोड़ जाती है,
शायरियों का बादशाह हूँ,
और कलम मेरी रानी है,
अल्फाज मेरे गुलाम है,
बाकि रब की महरबानी है.