एक तरफ़ा ही सही,हम इश्क निभाएंगे, ♡कभी आना हमारे शहर,माँ की हाथ की चाय पिलायेंगे। 1120
एक तरफ़ा ही सही,
हम इश्क निभाएंगे, ♡
कभी आना हमारे शहर,
हँसना हसाना काम हे मेरा इसलिए
तो 'kajal' नाम हे मेरा..
सुना है तेरी आँखों मैं सितारे जगमगाते हैंइजाज़त हो तो मैं भी अपने दिल मै रोशनी कर लों
सुना है तेरी आँखों मैं सितारे जगमगाते हैं
इजाज़त हो तो मैं भी अपने दिल मै रोशनी कर लों
ज़िस्म के ज़ख्म हो तो मरहम भी लगाएं,
रूह के नासुरों का हकीम मिलता नहीं हमें!
कविता के कई मतलब हो सकते हैपर कविता कभी मतलबी नहीं हो सकती !!
दो मिनट मिल जाएँ आँखे, तो वक़्त ठहर जायेगा,जानती हो!एक समंदर दो आँखों में उतर आएगा l