एक तरफ़ा ही सही,हम इश्क निभाएंगे, ♡कभी आना हमारे शहर,माँ की हाथ की चाय पिलायेंगे। 1120
एक तरफ़ा ही सही,
हम इश्क निभाएंगे, ♡
कभी आना हमारे शहर,
सुना है तेरी आँखों मैं सितारे जगमगाते हैंइजाज़त हो तो मैं भी अपने दिल मै रोशनी कर लों
सुना है तेरी आँखों मैं सितारे जगमगाते हैं
इजाज़त हो तो मैं भी अपने दिल मै रोशनी कर लों
लोग मोहब्बत में चांद तारे मांगते हैमुझे बस तू एक चाय पिला दे
लोग मोहब्बत में चांद तारे मांगते है
मुझे बस तू एक चाय पिला दे
कुछ उसे भी दूरियाँ पसंद थीं ,
और कुछ मैंने भी वक़्त मांगना छोड़ दिया !
कविता के कई मतलब हो सकते हैपर कविता कभी मतलबी नहीं हो सकती !!
दो मिनट मिल जाएँ आँखे, तो वक़्त ठहर जायेगा,जानती हो!एक समंदर दो आँखों में उतर आएगा l