हर खामोशी का मतलब इंकार नहीं होता,हर नाकयाबि का मतलब हार नही होता,तो क्या हुआ अगर तुम्हें हम पा ना सके,सिर्फ पाने का मतलब प्यार नहीं होता,
हर खामोशी का मतलब इंकार नहीं होता,
हर नाकयाबि का मतलब हार नही होता,
तो क्या हुआ अगर तुम्हें हम पा ना सके,
सिर्फ पाने का मतलब प्यार नहीं होता,
तुम आईना क्यूं देखती हो?बेरोज़गास करोगी क्या मेरी अॉखों को..
तुम आईना क्यूं देखती हो?
बेरोज़गास करोगी क्या मेरी अॉखों को..
हर किसी के पास,अपने अपने मायने हैं।खुद को छोड़ सिर्फ दूसरों के लिये ही आईने हैं.
हर किसी के पास,अपने अपने मायने हैं।
खुद को छोड़ सिर्फ दूसरों के लिये ही आईने हैं.
ना कोई महल, ना सपना,ना कोई फूल छोड़ जाता हूँ,तुम्हारे नाम लिखें है कई ख़त, रोज एक छोड़ आता हूँ l
क्या हुआ?
जरा सी कैद में घुटन होने लगी?तुम तो परिंदे पालने के बहुत शौकीन थे..