जन्नत कैसी होती हैं यह तो पता नहीं, पर इश्क़ मुकम्मल हो जाए तो जिंदगी भी उससे कम नहीं.
पर इश्क़ मुकम्मल हो जाए तो जिंदगी भी उससे कम नहीं.
" हम ता-उम्र एक दूसरे जैसे नहीं है,ये कह के आपस में लड़ते रहे..कितना अच्छा होता,तुम मेरी कमी,मैं तुम्हारी कमी पूरा कर देता l "
दिल के अरमान,दिल तुझसे छुपाना चाहता है lये कब मोह्हबत में,तुझे पाना चाहता है lतुम्हें बना के खुदा,ये दिल मीरा हो जाना चाहता है l
लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ सेतेरी आंखों ने तो कुछ और कहा है मुझ से
Chand taaron se raat jagmagane lagi.
Good Night Shayari