गम के अंधेरे में दिल को बेकरार कर,
सुबह जरूर होगी थोड़ा तो इंतजार कर॥
दिल के अरमान,दिल तुझसे छुपाना चाहता है lये कब मोह्हबत में,तुझे पाना चाहता है lतुम्हें बना के खुदा,ये दिल मीरा हो जाना चाहता है l
लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ सेतेरी आंखों ने तो कुछ और कहा है मुझ से
वो गई कुछ इस तरह,छोड़ के,इंतज़ार करता रहा, हर मोड़ पे l