अंदाज़ मुझे भी आते है नजर अंदाज करने की
पर तु तकलीफ से गुजरे ये मुझे गवारा नहीं
तुमने समझा ही नहीं और ना समझना चाहा,हम चाहते ही क्या थे तुमसे “तुम्हारे सिवा
ये बैचनी जो मेरे घर आई है,ना जाने कौनसा दर्द साथ लाई है lक्यों नज़र को, नज़र की तालाश है,क्या ये काँटों से भरा गुलाब है,या दूर कुसुमित फूल पलाश है l
Happy Holi
खिलखिलाती सुबह है, है ताजगी भरा सवेरा
फूलों और बहारों ने, है रंग अपना बिखेरा
बस इंतज़ार है आपकी एक मुस्कराहट का
जिसके बिना… ये दिन है अधूरा!
Good Morning My Love.
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