हर चीज़ बिकने लगी है किश्तों परख्वाहिशों पे लगाम कोई कैसे लगाये?
"मैं अक्सर उसकी बातों में आ जाता हूँ,फिर हर बार की तरह, छला जाता हूँ l"
हजारों से करूं इश्क़,ये फितरत नहीं हमारी,पर तुमसे इश्क़ मैं, हजारों बार कर जाऊँगा l
पहली मुलाकात में ये ऐसा हुआ अहसास,
उनके मुहब्बत के दो शब्द थे बहुत खास.
आखिरी मुलाकात में कुछ कहना ही था उनसे,
हम सोचते ही रह गए की गुजर गया साल.
HAPPY NEW YEAR 2021
मैंने ज़माने के एक बीते दोर को देखा है
दिल के सुकून को और गलियों के शोर को देखा है
मैं जानता हूँ की कैसे बदल जाते हैं इन्सान अक्सर
मैंने कई बार अपने अंदर किसी ओर को देखा है।
दोस्ती दिल का हर गम भुला देती है
बंद आँखों में सपने सजा देती है
दोस्ती की दुनिया जरूर बनाए रखना
क्यूंकि मुहब्ब्त की दुनिया अक्सर रुला देती है