न जिद है न कोई गुरूर है हमे,बस तुम्हे पाने का सुरूर है हमे,इश्क गुनाह है तो गलती की हमने,सजा जो भी हो मंजूर है हमे…
दिल का दीपक कुछ ऐसे जल जाये,पत्थर में भी मोह्हबत उतर आये
फूल खिलते रहे ज़िन्दगी की राह में …
हँसी चमकती रहे आपकी निगाह में …
कदम कदम पर मिले ख़ुशी की बहार आपको,,,
दिल देता है यही दुआ हर बार आपको…
धोखा ना देना कि तुझपे ऐतबार बहुत है,
ये दिल तेरी चाहत का तलबगार बहुत है,
तेरी सूरत ना दिखे तो दिखाई कुछ नहीं देता,
हम क्या करें कि तुझसे हमें प्यार बहुत है।
रास्ते खुद ही तबाही के निकाले हम ने,कर दिया दिल किसी पत्थर के हवाले हमने,हाँ मालूम है क्या चीज़ हैं मोहब्बत यारो,अपना ही घर जला कर देखें हैं उजाले हमने।