ऐटिटूड उन्हें दिखाती हूँजिन्हे तमीज समझ नहीं आती
जिन्हे तमीज समझ नहीं आती
किरदार और भी थे कई दास्तान-ए-ज़िन्दगी में,
सिर्फ तुम ही बने मोहब्बत ये बात कुछ और है!
न जाने किस तरह का इश्क कर रहे हैं हम,
जिसके हो नहीं सकते उसी के हो रहे हैं हम।।
कुछ तो धड़कता है ,रूक रूक कर मेरे सीने में ..
अब खुदा ही जाने, तेरी याद है या मेरा दिल......
हाथ ज़ख़्मी हुए तो कुछ अपनी ही खता थी…..
लकीरों को मिटाना चाहा किसी को पाने की खातिर….!!
Tum laakh dua kar lo mujhse door jaane kee..
Meree dua bhee usee khuda se hai tujhe mere kareeb laane kee......