न जाने किस तरह का इश्क कर रहे हैं हम,
जिसके हो नहीं सकते उसी के हो रहे हैं हम।।
पहली : मैंने फैसला कर लिया है कि
जब तक मैं 25 साल की नहीं हो जाऊँगी
तब तक मैं शादी नहीं करुँगी
दूसरी : और मैंने भी फैसला कर लिया है कि
जब तक मैं शादी नहीं कर लूँगी
तब तक मैं 25 साल की होऊँगी ही नहीं
आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा
कश्ती के मुसाफ़िर ने समुंदर नहीं देखा
चाहत बन गये हो तुम या आदत बन गयेहो तुम हर सांस में यू आते जाते हो जैसेमेरी इबादत बन गये हो तुम।
चाहत बन गये हो तुम या आदत बन गये
हो तुम हर सांस में यू आते जाते हो जैसे
मेरी इबादत बन गये हो तुम।
जिन फूलों को संवारा था
हमने अपनी मोहब्बत से,
हुए खुशबू के काबिल तो
बस गैरों के लिए महके।