कभी किसी की बुराई मत करो
क्योंकि बुराई तुम में भी है
और जुबान दूसरों के पास भी ।
कर रहा था ग़म-ए-जहाँ का हिसाब
आज तुम याद बे-हिसाब आए
Itna toota hoon ki
Chhoone se bikhar jaooanga
Ab agar aur dua
Dogi to mar jauanga..