माना कि मोहब्बत की ये भी एक हकीकत है फिर भी,
जितना तुम बदले हो उतना भी नहीं बदला जाता।
हँसते हुए ज़ख्मों को भुलाने लगे हैं हम,हर दर्द के निशान मिटाने लगे हैं हम,अब और कोई ज़ुल्म सताएगा क्या भला,ज़ुल्मों सितम को अब तो सताने लगे हैं हम।
जब से देखी है हमने दुनिया करीब से;लगने लगे हैं सारे रिश्ते अजीब से !
I’m hurt,I’m alone,I'm depressed,I cry myself to sleep all because of youBut I hope you're doing okay becauseI LOVE YOU