खुसनसीब हैं वो जिनके घर रिश्ते आते हैं
वरना हमारे घर तो सिर्फ वारंट ही आते हैं
सरफिरे तो बादल होते है !
लोग तो पागल होते है
ये इश्क़ सिर्फ मेरा है,ये अश्क़ सिर्फ मेरा है lकिसी से कह नहीं सकता,वो शख्स सिर्फ मेरा है l
कुछ तुम को भी है अज़ीज़ अपने सभी उसूल,कुछ हम भी इत्तफाक से ज़िद के मरीज़ है
मेरे-तेरे इश्क़ की छाँव में… जल-जलकर!
काला ना पड़ जाऊ कहीं !
तू मुझे हुस्न की धुप का
एक टुकड़ा दे…!
ये ज़िन्दगी तेरी यादो से,
अब नासूर सी चुभती है,
किसे पता था मेरी दोस्त,
ये यादे ताज महल से बड़ी लगती है!