उनके सुर्ख लब और वफा की कसम,
हाय क्या कसम थी खुदा की कसम!
मत पूछ मुझसे की तुझसे किस हद तक चाहत है मेरी, बस इतना समझ ले तू आदत है मेरी। 9360
मेरी, बस इतना समझ ले तू आदत है मेरी।
एक मकाम ज़िन्दगी मैं ऐसा भी आता है
क्या भूलना है बस यही याद रह जाता है
"कोई गीत ऐसे नहीं रुला जाता है,संग बीते पलो को याद दिला जाता है,नाचने लगती है, दो बोलती आँखें,कभी तेरे नाम से पलक गीला हो जाता है l"
"थक सी गई है नज़र, इंतजार में उसके,अब दिखे वो तो आँखों का रविवार हो l"
Chalo Baant Lete Hein Kuch
Is Tarah Se Duniya Saari
Chalo Sab Kuch Tum Rakh Lo,
Ek Bus Tum Hamaare..!!