"कोई गीत ऐसे नहीं रुला जाता है,संग बीते पलो को याद दिला जाता है,नाचने लगती है, दो बोलती आँखें,कभी तेरे नाम से पलक गीला हो जाता है l"
Tu saath hokar bhi saath nahi hoti
Ab toh rahat mein bhi rahat nahi hoti…
अब तो शायद ही मुझसे मुहब्बत करेगा कोई
तेरी तस्वीर जो मेरी आखों में साफ़ नजर आती है
वक़्त को भी हुआ है ज़रूर किसी से इश्क़,जो वो बेचैन है इतना कि ठहरता ही नहीं।
तरस जाओगे हमारे मुँह से सुनने को एक लव्ज़
प्यार की बात क्या, हम शिकायत भी ना करेंगे…