एक मकाम ज़िन्दगी मैं ऐसा भी आता है
क्या भूलना है बस यही याद रह जाता है
इश्क का होना भी लाजमी है शायरी के लिये..कलम लिखती तो दफ्तर का बाबू भी ग़ालिब होता।
कुछ सोचु तो तेरा ही ख्याल आता हैंकुछ बोलू तो तेरा नाम आता हैंकब तक मैं छुपाऊँ अपने दिल की बातउस की हर अदा पे हमे प्यार आता हैं
Man Hi Man Karati Hu Baatein
Dilki Her Ek Baat Kah Jaati Hu
Ek Baar Le Lo Bahon Mai Ab To Sajna
Yahin Her Baar Kahte Kahte, Ruk Jaati Hu!!!
Happy Hug day 2018 to u dear.
“अपनों को याद करना प्यार हैं,
गैरों का साथ देना संस्कार हैं,
दुश्मनो को माफ करना उपकार हैं,
और आप जैसे दोस्तों को परेसान करना जन्मसिद्ध अधिकार हैं.”