ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं. वो हमही हैं जो अपनी आँखों पर हाँथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार हैं.
इंसान हर घर में जन्म लेता है
लेकिन इंसानियत कहीं कहीं ही जन्म लेती है
जो सिरफिरे होते हैं वही इतिहास लिखते हैं
समझदार लोग तो सिर्फ उनके बारे में पढ़ते हैं