मनुष्य को कभी ये नहीं सोचना चाहिए कि वो कितना खुश हैं,
बल्कि ये सोचना चाहिए की उसकी वजह से दूसरे कितने खुश हैं.
Aaj ka suvichar
प्रेम एक ऐसा अनुभव है जो इंसान को कभी हारने नहीं देता,
और घृणा एक ऐसा अनुभव है जो आपको कभी जीतने नहीं देता।
प्रशंसा से पिघलना मत
और आलोचना से उबलना मत
बचपन कोरे कागज़ की तरह होता हैं, जिस रंग से भरोगे वैसा ही दिखेगा.
इसलिए अपने बच्चों के जीवन में सही संस्कार से भरना चाहिए
आज का सुविचार
गंगा में डुबकी लगाकर तीर्थ किये हजार,
इनसे क्या होगा अगर बदले नहीं विचार!!
धागा एक बार टूट जाये तो फिर से जोड़ने पर भी गाँठ पड़ ही जाती है
उसी तरह रिश्ते एक बार टूट जाये तो फिर से जोड़ने में एक गाँठ बन ही जाती है