मनुष्य को कभी ये नहीं सोचना चाहिए कि वो कितना खुश हैं,
बल्कि ये सोचना चाहिए की उसकी वजह से दूसरे कितने खुश हैं.
Aaj ka suvichar
चलो फ़िर से हौले से मुस्कुराते हैं,बिना माचिस के ही लोगों को जलाते हैं।
अपने रिश्तों और पैसों की कद्र एक समान करें,
दोनों को कमाना मुश्किल है, लेकिन गवाना बहुत आसान।
किसी की बुराई तलाश करने वाले इंसान की मिसाल उस मक्खी की तरह हैजो सारे खूबसूरत जिस्म को छोडकर केवल जख्म पर ही बैठती है…
किसी की बुराई तलाश करने वाले इंसान की मिसाल उस मक्खी की तरह है
जो सारे खूबसूरत जिस्म को छोडकर केवल जख्म पर ही बैठती है…
बुराई को देखना और सुनना ही
बुराई की शुरुआत है