ये जो बात-बात पे कहते हो,हमारे बीच सब खत्म हो गया,ये तो बताती जाओ...कभी कुछ था क्या...
एक कप चाय उनके नाम,मेरी वजह से जिनके सर में दर्द रहता है ।
जो बेइन्तिहाँ चाहत से रूह में उतर जाये
सिर्फ वही मोहब्बत में माहिर है..
जिसे पाया ना जा सके वो जनाब हो तुम
मेरी जिंदगी का पहला ख्वाब हो तुम
लोग चाहे कुछ भी कहे लेकिन,
मेरी जिंदगी का एक सुन्दर सा गुलाब हो तुम
आदतन तुमने कर दीए वादे,
आदतन हमने एतबार किया…
तेरी राहों में बारहाँ रुक कर,
हमने अपना ही इंतज़ार किया…
अब ना मांगेंगे ज़िन्दगी या रब,
यह गुनाह हमने जो एक बार किया…!!
कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ,
किसी की आँख में हम को भी इंतज़ार दिखे!!