हम अपने प्यार का इज़हार इसलिए नहीं करते
क्यूंकि हम उनकी हाँ या ना से डरते है..
अगर उन्हों ने कर दी हाँ तो ख़ुशी से मर जायेंगे
और कर दी ना तो रो-रो कर मर जायेंगे.
बंदगी हम ने छोड़ दी है 'फ़राज़'
क्या करें लोग जब ख़ुदा हो जाएँ
आप की याद आती रही रात भर
चाँदनी दिल दुखाती रही रात भर
हुस्न के समझने को उम्र चाहिए जानाँ
दो घड़ी की चाहत में लड़कियाँ नहीं खुलतीं
कल का हर वाक़िआ तुम्हारा था
आज की दास्ताँ हमारी है
सुना है बहुत बारिश है तुम्हारे शहर में,ज़्यादा भीगना मत
अगर धुल गयी सारी ग़लतफ़हमियाँ,तो बहुत याद आएँगे हम!!