हम अपने प्यार का इज़हार इसलिए नहीं करते
क्यूंकि हम उनकी हाँ या ना से डरते है..
अगर उन्हों ने कर दी हाँ तो ख़ुशी से मर जायेंगे
और कर दी ना तो रो-रो कर मर जायेंगे.
बंदगी हम ने छोड़ दी है 'फ़राज़'
क्या करें लोग जब ख़ुदा हो जाएँ
आप की याद आती रही रात भर
चाँदनी दिल दुखाती रही रात भर
हुस्न के समझने को उम्र चाहिए जानाँ
दो घड़ी की चाहत में लड़कियाँ नहीं खुलतीं
सुना है बहुत बारिश है तुम्हारे शहर में,ज़्यादा भीगना मत
अगर धुल गयी सारी ग़लतफ़हमियाँ,तो बहुत याद आएँगे हम!!
तेरी हर बात मोहब्बत में गवारा करके
दिल के बाज़ार में बैठे हैँ ख़सारा करके
एक चिन्गारी नज़र आई थी बस्ती मेँ उसे
वो अलग हट गया आँधी को इशारा करके