Sawan Pyar Bhari Shayari
गलती तुम्हारी थी या हमारी क्या फर्क पड़ता है,अलग होने के बाद रोये तो हम दोनों ही थे !!
दिल को तिरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है
और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जाता
कुछ लम्हे और उसका साथ चाहता था,
आँखों में थमी वो बरसात चाहता था !!
जानता हु बहुत चाहती थी वो,
मगर उसकी जुबान से 1 बार इज़हार चाहता था...!!