गलती तुम्हारी थी या हमारी क्या फर्क पड़ता है,अलग होने के बाद रोये तो हम दोनों ही थे !!
आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की……!!
लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं….!!
लगता है, मेरा खुदा मेहरबान है मुझ पर,
मेरी दुनीयाँ में आपकी मौजूदगी, यूँ ही तो नहीं.!
ऐसा लगता है, हर इम्तिहाँ के लिए,
किसी ने जिन्दगी को हमारा पता दे दिया है
किसी ने मुझे कहा की तुम हर रोज,
सुबह सुप्रभात करके सबको याद करते हो,
तो क्या वो भी तुम्हे याद करते है मेंने कहा,
मुझे रिश्ता निभाना है मुकाबला नहीं करना!
Good Morning