ऐटिटूड उन्हें दिखाती हूँजिन्हे तमीज समझ नहीं आती
जिन्हे तमीज समझ नहीं आती
दिल बेकरार का ...करार ढूँढू या तेरी खबर जो दे .. वो अख़बार ढूँढू तेरी गफलतों का जो इकरार देदे बता कहा वो ... इस्तहार ढूँढू
दिल बेकरार का ...करार ढूँढू
या तेरी खबर जो दे .. वो अख़बार ढूँढू
तेरी गफलतों का जो इकरार देदे
बता कहा वो ... इस्तहार ढूँढू
चेहरे पे मेरे जुल्फों को फैलाओ किसी दिन,
क्यूँ रोज गरजते हो बरस जाओ किसी दिन,
खुशबु की तरह गुजरो मेरी दिल की गली से,
फूलों की तरह मुझपे बिखर जाओ किसी दिन।
कुछ तो धड़कता है ,रूक रूक कर मेरे सीने में ..
अब खुदा ही जाने, तेरी याद है या मेरा दिल......
मेरी इबादतों को ऐसे कर कबूल ऐ मेरे खुदा,
के सजदे में मैं झुकूं तो मुझसे जुड़े हर रिश्ते की जिंदगी संवर जाए..!!
उसके नर्म हाथों से फिसल जाती है चीज़ें अक्सर ….,
मेरा दिल भी लगा है उनके हाथो , खुदा खैर करे …