चेहरे पे मेरे जुल्फों को फैलाओ किसी दिन,
क्यूँ रोज गरजते हो बरस जाओ किसी दिन,
खुशबु की तरह गुजरो मेरी दिल की गली से,
फूलों की तरह मुझपे बिखर जाओ किसी दिन।
पी के भांग जमा लो रंग
जिन्दगी बीते ख़ुशियों के संग
लेकर नाम शिव भोले का
दिल में भर लो शिवरात्रि की उमंग !
डर मुझे भी लगा फांसला देख कर,
पर मैं बढ़ता गया रास्ता देख कर.
खुद ब खुद मेरे नज़दीक आती गई,
मेरी मंज़िल मेरा हौंसला देख कर…..!!
बन्ता : क्या कर रहे हो ???सन्ता : बदला ले रहा हूँ..??बन्ता : किससेसन्ता : वक़्त ने मुझे बर्बाद किया है . . .मैं अब वक़्त बर्बाद कर रहा हूँ..
“इन हसीनो से तो कफ़न अच्छा है,
जो मरते दम तक साथ जाता है,
ये तो जिंदा लोगो से मुह मोड़ लेती हैं,
कफ़न तो मुर्दों से भी लिपट जाता है.”