न जिद है न कोई गुरूर है हमे,बस तुम्हे पाने का सुरूर है हमे,इश्क गुनाह है तो गलती की हमने,सजा जो भी हो मंजूर है हमे…
उदासियाँ तो चहरे पे धूल की तरह है
हम अंदर से तो कल भी वही थे आज भी वही है
फिजा में महकती शाम हो तुम,प्यार में झलकता जाम हो तुम
सीने में छुपाये फिरते हैं हम यादें तुम्हारी
इसलिए मेरी जिंदगी का दूसरा नाम हो तुम
फूल खिलते रहे ज़िन्दगी की राह में …
हँसी चमकती रहे आपकी निगाह में …
कदम कदम पर मिले ख़ुशी की बहार आपको,,,
दिल देता है यही दुआ हर बार आपको…
इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से
मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँ नहीं करते