तू जिसे इतनी हसीं
चीज़ समझता है वो फूल
सूख जाए तो
निगाहों को बुरा लगता है
दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता;
रोता है दिल जब वो पास नहीं होता;
बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में;
और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता
हमारा सलाहकार कौन है ये बहुत महत्वपूर्ण है क्योकि दुर्योधन शकुनि से सलाह लेता था और अर्जुन श्रीकृष्ण से!
My mother had a great deal of trouble with me, but I think she enjoyed it.All love begins and ends there.