और इतनी भी उदासी किस काम की
थोड़ा इश्क़ करलो वरना जिंदगी किस काम की
साथ रोती थी हँसा करती थी
एक परी मेरे दिल में बसा करती थी
किस्मत थी हम जुदा हो गए वरना वो
मुझे अपनी तकदीर कहा करती थी
डूबा हुआ हूँ जहर में
लेकिन पी नहीं रहा,
मै जिंदगी को सह रहा हूँ
पर जी नहीं रहा..!!
एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद..दूसरा सपना देखने के हौसले को 'ज़िंदगी' कहते हैं..
उसके बाद हमने ना रखी किसी से मोहब्बत की आस, क्योकि एक तजुर्बा ही था हमारे लिए बहुत खास.